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ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤…रà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के इलाज में कारगर माने जाते हैं ये 5 आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• नà¥à¤¸à¥à¤–े, जानें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² का तरीका
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ जोड़ों में होने वाली à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° बीमारी है, ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के इलाज के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• नà¥à¤¸à¥à¤–ों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बहà¥à¤¤ फायदेमंद माना जाता है।Â
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Osteoarthritis) जोड़ों में होने वाली गंà¤à¥€à¤° बीमारी है। यह बीमारी गठिया का सबसे आम रूप है जिससे दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में लाखों लोग पीड़ित हैं। ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में मामूली दरà¥à¤¦ से लेकर गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦ और चलने फिरने में परेशानियां होती हैं। शरीर की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सपोरà¥à¤Ÿ देने के लिठमौजूद कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ और कोमल ऊतकों में दिकà¥à¤•तें आने पर ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ में जोड़ों में सूजन, दरà¥à¤¦ और अकड़न जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ आ जाती है। हालांकि इस बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं मिल पाया है लेकिन कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ और उपचार हैं जो इस पर मधà¥à¤¯à¤® रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ माने जाते हैं। लेकिन इन उपचारों का साइड इफेकà¥à¤Ÿ à¤à¥€ देखने को मिलता है। ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ का अंतिम और à¤à¤•मातà¥à¤° सटीक उपचार घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट करना ही होता है। लेकिन यह उपचार बहà¥à¤¤ ही महंगा और जोखिम à¤à¤°à¤¾ होता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ काल से ही गठिया और ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के इलाज (Ayurvedic Treatment for Osteoarthritis) के लिठतमाम जड़ी-बूटियों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा रहा है। ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में कà¥à¤› जड़ी बूटियों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बहà¥à¤¤ ही फायदेमंद माना जाता है, आइये जानते हैं इनके बारे में।Â
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾? (Osteoarthritis Causes)
शरीर में ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ जोड़ों में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सपोरà¥à¤Ÿ देने वाले कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ के खराब होने की वजह से होती है। कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ और कोमल ऊतक हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को घिसने और रगड़ने से बचाने का काम करते हैं। इसके अलावा कà¥à¤› बायोकेमिकल असंतà¥à¤²à¤¨ à¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ का कारण बनते हैं। ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ जोड़ों में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अंदर मौजूद कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ के टूटने या खराब होने की वजह से होता है और यह पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रूप से शरीर इन जोड़ों में होता है।Â
घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡
हाथ
उंगलियां
कà¥à¤²à¥à¤¹à¥‡
रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€, गरà¥à¤¦à¤¨ और पीठका निचला हिसà¥à¤¸à¤¾
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण और रिसà¥à¤• फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ इस पà¥à¤°à¤•ार से हैं।
कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ में खराबी की वजह से।
बà¥à¤¤à¥€ उमà¥à¤° के कारण।
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ चोट या मोच आदि की वजह से।
मोटापे की समसà¥à¤¯à¤¾ में।
आनà¥à¤µà¤‚शिक कारणों से।
जनà¥à¤® से ही हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से जà¥à¥œà¥‡ रोग के कारण।
डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ या दूसरी मेटाबोलिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण।
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ (Ostioartritis Symptoms)
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से ये लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं।
जोड़ों में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
जोड़ों का निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ होना या अकड़ जाना।
जोड़ों का अधिक लचीला होना।
पॉपिंग या कà¥à¤°à¥ˆà¤•िंग की आवाज आना।
जोड़ों में सूजन।
चलने फिरने में दिकà¥à¤•त आना।
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• इलाज (Ayurvedic Remedies for Osteoarthritis)
जोड़ों की बीमारी ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ को जड़ से खतà¥à¤® करने का कोई सफल और सटीक इलाज अà¤à¥€ तक नहीं मिल पाया है। लेकिन आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ काल से इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किये जाने वाले कà¥à¤› नà¥à¤¸à¥à¤–े इस समसà¥à¤¯à¤¾ को काफी हद तक ठीक करने में बहà¥à¤¤ फायदेमंद माने जाते हैं। बिना किसी साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ और इसकी वजह से होने वाली दिकà¥à¤•तों को दूर करने में कारगर हैं। आइये जानते हैं इनके इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के बारे में।
1. ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में अशà¥à¤µà¤—ंधा का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² (Ashwagandha for Ostioarthritis)
अशà¥à¤µà¤—ंधा को आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में बहà¥à¤¤ कारगर औषधि माना जाता है। इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² तमाम बीमारियों के इलाज में किया जाता है। अशà¥à¤µà¤—ंधा में सूजन को दूर करने और दरà¥à¤¦ से राहत देने के गà¥à¤£ पाठजाते हैं। कई शोध और अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ à¤à¥€ इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ कर चà¥à¤•े हैं कि अशà¥à¤µà¤—ंधा का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में बहà¥à¤¤ उपयोगी हो सकता है। आप ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में रोजाना दूध के साथ à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š अशà¥à¤µà¤—ंधा के चूरà¥à¤£ का सेवन करें। नियमित रूप से à¤à¤¸à¤¾ करने पर आपको इस समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलेगा। अशà¥à¤µà¤—ंधा का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से शरीर में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार का साइड इफेकà¥à¤Ÿ à¤à¥€ नहीं होता है।
2. ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ में हलà¥à¤¦à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² (Turmeric for Osteoarthritis)
हलà¥à¤¦à¥€ का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पकाने में मसाले के रूप में किया जाता है। लेकिन यह कई बीमारियों के इलाज के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ काल से à¤à¤• कारगर आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• औषधि के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है। बीमारियों के इलाज में हलà¥à¤¦à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² खाने और लगाने दोनों के लिठकिया जाता है। हलà¥à¤¦à¥€ में मौजूद करकà¥à¤¯à¥‚मिन, सूजन पैदा करने वाले à¤à¤‚जाइम, लाइपो-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨à¥‡à¤œ, साइकà¥à¤²à¥‹-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨à¥‡à¤œ और फॉसà¥à¤«à¥‹à¤²à¤¿à¤ªà¥‡à¤œà¤¼ आदि को खतà¥à¤® करने का काम करता है। हलà¥à¤¦à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से नॉन-सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¾à¤¯à¤¡à¤² à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ (à¤à¤¨à¤à¤¸à¤à¤†à¤ˆà¤¡à¥€) जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ फायदा मिलता है। आप ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में हलà¥à¤¦à¥€ को पीसकर इसके पाउडर को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ तेल में मिलाà¤à¤‚ और फिर इसके लेप को किसी कपड़े की सहायता से दरà¥à¤¦ वाले जोड़ पर बांध दें। इससे ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की वजह से होने वाले दरà¥à¤¦ और सूजन से राहत मिलती है। आप दूध में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ मिलाकर रोजाना इसका सेवन à¤à¥€ कर सकते हैं।
3. ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ में शतावरी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² (Shatavari for Osteoarthritis)
शतावरी à¤à¤• बहà¥à¤¤ कारगर आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• जड़ी बूटी है जिसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² हजारों साल से पारंपरिक चिकितà¥à¤¸à¤¾ में किया जा रहा है। इसके सितेमाल से शरीर में सूजन पैदा करने वाले रसायन नषà¥à¤Ÿ होते हैं। गठिया और ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में शतावरी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में शतावर या शतावरी की जड़ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² औषधि के रूप में किया जाता है। ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में शतावरी के चूरà¥à¤£ के साथ अशà¥à¤µà¤—ंधा और आमलकी के चूरà¥à¤£ समान मातà¥à¤°à¤¾ में मिलाकर रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ पानी के साथ सेवन करें। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपके जोड़ मजबूत होंगे और ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की वजह से होने वाले जोड़ों के दरà¥à¤¦ में à¤à¥€ राहत मिलेगी।
4. ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ में लहसà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² (Garlic for Osteoarthritis)
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में लहसà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बहà¥à¤¤ फायदेमंद माना जाता है। आमतौर पर à¤à¥‹à¤œà¤¨ में मसाले के रूप में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में लाया जाने वाला लहसà¥à¤¨ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• कारगर औषधि है। लहसà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कई गंà¤à¥€à¤° बीमारियों के इलाज में फायदेमंद माना जाता है। आप गठिया या ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठइसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ में लहसà¥à¤¨ को अपनी डाइट में शामिल करना बहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है। इसके अलावा लहसà¥à¤¨ की दो कलियों को पीसकर उसे दूध में डालकर रोजाना पिà¤à¤‚।
5. तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ का उपयोग (Triphala for Osteoarthritis)
तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ à¤à¤• बहà¥à¤¤ फायदेमंद जड़ी बूटी है जिसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के इलाज के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ में पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ काल से ही किया जा रहा है। तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ को तीन जड़ी बूटियों को मिलाकर बनाया जाता है। इसमें आंवला, हरड़ और बहेरा शामिल होता है। तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ के चूरà¥à¤£ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² पेट से लेकर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से जà¥à¥œà¥€ तमाम समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में बहà¥à¤¤ उपयोगी माना जाता है। ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में तà¥à¤°à¤¿à¤«à¤²à¤¾ के चूरà¥à¤£ का à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š सेवन रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ करने से फायदा मिलता है।
ऊपर बताये गठसà¤à¥€ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• नà¥à¤¸à¥à¤–ों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ में बहà¥à¤¤ फायदेमंद माना जाता है। जोड़ों के दरà¥à¤¦ और ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठआप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ खानपान और अचà¥à¤›à¥€ जीवनशैली का पालन करें। इन आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• नà¥à¤¸à¥à¤–ों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से पहले किसी आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• या वैदà¥à¤¯ से सलाह जरूर लें।
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